क्रय केंद्र में खरीद न होने से किसान भाई हो रहे मायूस …

आटा/जालौन,देवेन्द्र तिवारी :

आटा क्षेत्रीय सहकारी समिति आटा में संचालित गेहूँ क्रय केन्द्र में एक सप्ताह से खरीद नहीं होने से किसान दर दर की ठोकरें खाते घूम रहा है। अधिकारी मूक दर्शक बने हुए है, किसानों की सुध लेने वाला कोई नहीं है।

आटा क्षेत्रीय सहकारी समिति आटा के गेहूँ क्रय केन्द्र में 8-10दिन से खरीद नहीं हो रही हैकिसान बुरी तरह परेशान है।कई किसान अपना गेंहू ट्रैक्टर ट्रॉली में रखे हुए केन्द्र पर कई दिनों से डेरा जमाये हुए है ,बहुतेरे किसान इस आशा से क्रय केंद्र का चक्कर लगा रहे है कि कब तुलाई शुरू हो वो अपना गेहूँ ले आये । किसी किसान के यहाँ शादी है, किसी को बैंक का कर्ज चुकाना है।हरएक किसान की अपनी अपनी समस्या है पर कोई भी जनप्रतिनिधि,अधिकारी समस्या के निराकरण के लिए सार्थक प्रयास नहीं कर रहा है जिससे क्षेत्रीय किसान बुरी तरह मायूस है।
आटा क्षेत्रीय सहकारी समिति लिo आटा /क्रय केन्द्र के प्रभारी सचिव गौरव कुशवाहा से क्रय केन्द्र में गेहूँ खरीद नही होने के सम्बंध में बात की तो उन्होंने बताया कि अब तक क्रय गेहूँ की बोरी की उठान नही होने से जगह की कमी एक समस्या है व अभी खाली बोरी भी नहीं आ सकी है जिससे खरीद बन्द कर दी गई है।समिति अध्यक्ष उद्देश तिवारी ने बताया कि शीघ्र ही उच्चाधिकारियों से बात कर किसान हित में निर्णय लिया जायेगा।
क्षेत्रीय किसान सोबरन सिंह, रामबाबू द्विवेदी, कमलेश मिश्रा, सन्तोष द्विवेदी, अंजनी तिवारी व अनिल तिवारी आदि ने उच्चाधिकारियों से माँग की है कि शीघ्र ही आटा क्षेत्रीय सहकारी समिति आटा में संचालित गेहूँ क्रय केन्द्र में खरीद चालू की जाये

दंपत्ति की सड़ी गली लाशें मिलने से इलाके में सनसनी …

★ पत्नी की हत्या कर पति के फांसी पर लटक कर जान देने का लगाया जा रहा है अनुमान

★ पुलिस फिलहाल मौतों की कडिय़ां जोड़ पाने में नाकाम, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का है इंतजार

★ शव लगभग सप्ताह भर पुराने, पुलिस कप्तान भी पहुंचे मौके पर

कोंच/जालौन।सोमवार को नदीगांव रोड पर नया पटेल नगर इलाके के एक घर में दंपत्ति की सड़ी गली लाशें बरामद होने से सनसनी फैल गई। पत्नी की लाश आंगन में पड़ी चारपाई पर पायी गई जबकि पति आंगन में लगे जाल से रस्सी के सहारे लटका पाया गया। पत्नी का चेहरा जला होने के कारण अनुमान लगाया जा रहा है कि या तो उसे जला कर अथवा तेजाब डाल कर उसकी हत्या करने के बाद पति भी फांसी पर लटक गया। पुलिस इन मौतों की कडिय़ां जोडऩे में लगी है और पुलिस के मुताबिक प्रथम दृष्ट्या मौतों का कारण गृह कलह बताया जा रहा है। मरने बाले दोनों में पहले जेठ बहू का रिश्ता था लेकिन महिला के पति की मौत के बाद दोनों पति पत्नी की ही तरह रह रहे थे और घर परिवार के लोगों को भी इस रिश्ते पर इसलिये ऐतराज नहीं था क्योंकि मृतक की भी पहली पत्नी मर चुकी थी। लाशें सप्ताह भर पुरानी होने का अनुमान है, मृतक के बेटे ने इस बाबत पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस कप्तान भी मौके पर पहुंच गये थे।

सोमवार की सुबह पुलिस को सूचना मिली कि नदीगांव रोड पर नया पटेल नगर इलाके के एक घर में दो लाशें पड़ी हैं। मौके पर पहुंचे सीओ संदीप वर्मा, कोतवाल विनोदकुमार मिश्रा, एसआई केदारसिंह तथा एसआई जितेन्द्र सिंह ने जब घर के अंदर झांक कर देखा तो रोंगटे खड़े कर देने बाला दृश्य था। एक महिला जिसका नाम कैलाशी देवी (35) था, आंगन में पड़ी चारपाई पर मृत पड़ी थी और उसके ठीक बगल में आंगन के ऊपर लगे जाल में उसके पति कमलेश कुशवाहा (50) जो मूलत: ग्राम घिलौर थाना नदीगांव के निवासी थे लेकिन कोंच में भी उसने मकान बनवा लिया था, का शव रस्सी के सहारे लटक रहा था। लाशें इतनी सड़ चुकी थीं कि उनमें कीड़े पड़ गये थे और वहां फैली भीषण दुर्गंध से लोगों के नथुने फटे जा रहे थे। पुलिस को सूचना देने बाले मृतक के बेटे पंकज जो अपने छोटे भाई अजय के साथ महाराष्ट्र में रह कर पानी पूरी का धंधा करता है, ने बताया कि उसके ताऊ भगवानदास ने उसे बताया था कि उसके मां-बाप पिछले एक सप्ताह से लापता हैं और उनका कोई सुराग नहीं मिल रहा है लिहाजा वह सोमवार को ही कोंच आया और घर पहुंचा तो उसके घर की कुंडी अंदर से बंद मिली। उसने रोशनदान से झांक कर अंदर देखा तो फांसी पर लटका पिता और चारपाई पर पड़ी मां की लाश देख कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने इस बाबत आला अधिकारियों को भी सूचना दे दी थी जिस पर खुद पुलिस कप्तान अमरेन्द्रप्रसाद सिंह ने मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया था, टीम ने मौके से जरूरी सबूत एकत्रित किये हैं। पुलिस ने शवों का पंचायतनामा भर कर पोस्टमॉर्टम के लिये भेज दिया है।

मिली जानकारी के मुताबिक मृतक कमलेश और उसके छोटे भाई बराती के विवाह खरूसी निवासी दो सगी बहनों गुड्डी एवं कैलाशी से हुई थी। कमलेश को पत्नी गुड्डी से तीन संतानें जिनमें दो लड़के पंकज और अजय तथा लड़की भारती थीं। भारती की शादी हो चुकी थी जिसकी मौत ससुराल में हो चुकी थी। दोनों बेटे महाराष्ट्र में रह कर रोजी कमाते हैं। कमलेश के भाई बराती की तीन साल पूर्व बीमारी के चलते मौत हो गई थी। बराती को कैलाशी से चार संतानें हैं जिसमें एक लड़का और तीन लड़कियां हैं। इसी बीच कमलेश की पत्नी गुड्डी ने भी लगभग डेढ बर्ष पूर्व फांसी पर लटक कर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत को गले लगा लिया था। तकरीबन चार माह पहले से विधवा कैलाशी और विधुर कमलेश जो आपस में जेठ बहू के अलावा जीजा साली भी थे, ने पति पत्नी की तरह रिश्ता कायम कर लिया था। उनके इस रिश्ते पर परिवार के लोगों को भी कोई ऐतराज नहीं था और इस तरह उनके बीच दांपत्य जीवन की गाड़ी चल निकली।

पीएम रिपोर्ट के बाद ही मिल सकेगी मौत की सही वजह-एसपी

कोंच।दंपत्ति की मौत की बजहों अभी फिलहाल धूल की मोटी परत ही जमी है और पुलिस अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। मौके पर पहुंचे एसपी अमरेन्द्रप्रसाद सिंह ने कहा है कि महिला जली हुई पाई गई है और पुरुष फांसी पर लटका मिला है जिसके चलते प्रथम दृष्ट्या मामला आपसी गृह कलह का जान पड़ता है। दोनों मौतें कैसे हुईं इसकी सही जानकारी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगी। मामले के खुलासे के लिये सर्विलांस की भी मदद ली जायेगी।

पति तो फांसी पर लटक कर मरा, पत्नी कैसे मरी ?

कोंच। एक साथ हुई दो मौतों को लेकर एक तरफ तरह तरह के कयास लगाये जा रहे हैं तो दूसरी तरफ एक बड़ा सवाल यह भी हवा में तैर रहा है कि पति कमलेश की मौत तो फांसी पर लटकने की बजह से हुई है लेकिन पत्नी की मौत कैसे हुई क्योंकि वह चारपाई पर पड़ी थी। पुलिस भी यह बता पाने की स्थिति में नहीं दिख रही है कि आखिर कैलाशी कैसे मरी। क्या कमलेश ने उसे मारा है, और अगर मारा है तो कैसे मारा अर्थात् गला घोंट कर मारा, चाकू से मारा, तेल छिड़क कर जला कर मारा, तेजाब चेहरे पर फेंक कर मारा या अन्य किसी तरह से उसकी हत्या की है। ऐसी स्थिति में सारा दारोमदार पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर ही है जिसमें साफ हो सकेगा कि कैलाशी कैसे मरी।

आखिर क्यों नहीं दर्ज कराई गई गुमशुदगी ?

कोंच। दंपत्ति की मौत लगभग सप्ताह भर पूर्व हो चुकी थी जैसा कि मौका-ए-वारदात को देखकर अनुमान लगाया जा सकता है, लेकिन जब सप्ताह भर पूर्व दंपत्ति अपने गांव घिलौर से निकले थे और तभी से उनके बाबत कोई जानकारी घर परिवार के लोगों को नहीं मिली थी तो ऐसी स्थिति में उन्होंने पुलिस को क्यों नहीं सूचना देकर गुमशुदगी दर्ज कराई। दो दिन पहले मृतक कमलेश के भाई भगवानदास ने जरूर महाराष्ट्र में रह रहे कमलेश के बेटों को यह बताया था कि उनके मां-बाप कई दिनों से मिल नहीं रहे हैं। नदीगांव एसओ रवीन्द्रकुमार त्रिपाठी ने बताया है कि उनके यहां कमलेश के लापता होने की न तो कोई सूचना है और न ही गुमशुदगी दर्ज कराई गई है।

तालाब व कुआँ अब बीती बातें, अब तो नक्शों से भी गायब होने लगे कुएँ और तालाब …

कालपी/जालौन : नगर में भू-माफियाओं व प्रशासन की लापरवाही की भेंट चढ़े तालाब अब नक्शों से गायब हो गये। जिससे नगर का भू-जलस्तर गिरता जा रहा है।
पृथ्वी अर्थ दिवस पर भले ही जिलाधिकारी महोदय ने जनपद के 101 तालाबों को पुर्नजीवित करने की पहल की है। जिससे वह भू-जलस्तर में भी बदलाव आयेगा। किन्तु बुजुर्गों और जानकारी रखने वालों का कहना है कि नगर में पहले कई तालाब व सरकारी कुंए थे। जो कि अब शायद प्रशासन की लापरवाही और भ्रष्ट अधिकारियों की सांठ-गांठ से भू-माफियाओं द्वारा कब्जा कर ली गई हैं। यदि साठ साल पुराना नक्शा उठा कर देखा जाएं तो नगर के प्रत्येक मुहल्ले में कोई न कोई तालाब और सरकारी कुंआ मिल जाएगा। जिनका पुर्ननिर्माण जिलाधिकारी महोदया करा सकती हैं। भू-जलस्तर में गिरावट के साथ-साथ पशु पक्षियों को पीने के लिए पानी भी मिल सकेगा। वहीं समाज सेवियों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पुराना नक्शा उठाकर तालाबों की भूमि को भू-माफियाओं से कब्जा मुक्त कराया जाए।

भूसा घर मे लगी आग से मासूम की हुई दर्दनाक मौत …

जालौन । ग्राम सींगपुरा मैं अज्ञात कारणों के चलते गांव के बाहर भूसे से भरे घर में अचानक आग लगने से एक 7 वर्षीय मासूम बालक की दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों में कोहराम मच गया ।ग्रामीणों ने दमकल गाड़ी मौके पर न पहुंचने का आरोप लगाया ।

सींगपुरा में अयोध्या प्रसाद विश्वकर्मा ने अपने गांव के बाहर घर में भूसा भर दिया था। रविवार को सुबह 9:00 बजे अचानक उस घर में आग लग गई जिसके चलते घर में रखा भूसा धू-धू कर जलने लगा । आग की लपटें आकाश को छू रही थी । लेकिन किसी को यह मालूम नहीं था कि उस आग में उसका 7 वर्षीय बालक प्रशांत पुत्र कमलेश भी अपने जीवन की लड़ाई लड़ रहा है।वह गृह स्वामी का नाती था।जो आग की लपटों में अपने जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहा था।

ग्रामीणों ने तथा परिवारीजनों आग लगी देखी दौड़कर आग पर काबू पाने के लिए पानी डालने लगे इसकी सूचना दमकल को दी गई।दमकल गाड़ी आती ने ग्रामीणों ने आग पर पानी फेंकना शुरू कर दिया । तथा धीरे-धीरे आग पर काबू पा लिया।आग बुझाने के बाद जब देखा गया तो ग्रह स्वामी का 7 वर्षीय नाती प्रशांत पुत्र कमलेश उसमें पूर्ण रूप से जला पड़ा हुआ था उसकी इस दर्दनाक मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई ।जब यह सूचना घर वालों को हुई।तो कोहराम मच गया मां बाप का रो-रो कर बुरा हाल था पूरे गांव में भी इस घटना को लेकर कोहराम मचा हुआ था ग्रामीणों ने बताया दमकल गाड़ी अगर मौके पर आ जाती तो शायद इतनी दर्दनाक मौत से उस बालक की मौत नही होती ।सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

मासूम बच्ची के साथ चाचा ने किया बलात्कार …

कोटरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सैदनगर में आज चाचा ने अपनी भतीजी की इज्जत को तार-तार कर दिया मासूम बच्ची चीखती चिल्लाती रही लेकिन चाचा को मासूम बच्ची पर तरस नहीं आया मामला यह हुआ कि घर पर बच्ची खेल रही थी तभी बच्ची का चाचा राहुल पुत्र रामपाल सिंह निवासी सैदनगर आया और बच्ची को टॉफी दिलाने के बहाने अपने साथ कमरे में ले गया और वहां पर राहुल ने बच्ची के साथ अपना मुंह काला करने लगा तभी बच्ची की चीख पुकार सुनकर घर के लोग इकट्ठा हो गए और उन्होंने आरोपी राहुल को रगें हाथो मुँह काला करते हुए पकड़ लिया। सूचना पाकर पहुंची कोटरा पुलिस ने आरोपी राहुल को विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।

एसएसआई मनोज सिंह को तबादले पर दी गई भावभीनी विदाई …

◆ लोगों से मिले सहयोग को कभी नहीं भुला सकूंगा-मनोज

कोंच/जालौन। हाल ही में थानेदार से इंसपेक्टर बने कोतवाली के एसएसआई मनोजकुमार सिंह का तबादला गोरखपुर जोन हो जाने के बाद पुलिस कप्तान एपी सिंह ने उन्हें रिलीव भी कर दिया है।

रविवार को कोतवाली में उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। कोतवाल विनोद कुमार मिश्रा, एसआई जितेन्द्र सिंह, एसआई अबूबख्श, एसआई कमल नारायण, एसआई सुरेन्द्र कुमार सिंह आदि ने मनोज का माल्यार्पण कर उनको विदा किया। कोतवाल ने उनकी कार्यशैली की प्रशंसा करते हुये कहा कि स्थानांतरण तो सरकारी सेवा में सतत् प्रक्रिया है

लेकिन उन लोगों को हमेशा याद किया जाता है जो अपने कार्यों से लोगों के दिलों में घर बना लेते हैं। मनोज कुमार सिंह ने भी लोगों का आभार जताते हुये कहा कि यहां के लोगों तथा स्टाफ का उन्हें जिस प्रकार सहयोग मिला उसे वह कभी भी भुला नहीं पायेंगे। इस दौरान आनंद तिवारी, श्याम चौधरी, सत्येन्द्रसिंह, शिववरन, राजकुमार, अभिषेक, जीतू, आजाद, सुवोधकुमार, कुसुमलता तिवारी आदि मौजूद रहे।

पारा चालीस के पार , राहगीर प्यास से हो रहे बेहाल …

◆ गर्मी भले ही दो महीने से लोगों को झुलसा रही है लेकिन पालिका के प्याऊ मई में ही लगेंगे

कोंच/जालौन। दिनों दिन गर्मी की बढती तपिश लोगों को झुलसाने में लगी है लेकिन नगर में इक्का दुक्का समाजसेवियों द्वारा लगवाये गये प्याऊ ही राहगीरों की प्यास बुझा पा रहे हैं। पालिका के प्याऊ लगाने का प्रस्ताव तो पिछली बोर्ड बैठक में पास हो गया है लेकिन पालिका के कागजों में लिखा धरा है कि आदमी प्यास से तड़प कर भले ही मर जायें लेकिन पालिका के प्याऊ मई में ही लगेंगे। हालांकि पालिका ने एकाध जगह प्याऊ रखवाने की औपचारिकता कर दी है लेकिन अधिकांश सार्वजनिक स्थलों पर प्याऊ नहीं होने से लोगों का प्यास के मारे बुरा हाल है।
लोगों को बहुत अच्छे से जानकारी है कि अबकी दफा गर्मी की आमद निर्धारित समय के विपरीत लगभग एक महीने पहले ही हो गई थी। मौजूदा में हालात यह हैं कि पारा बैरोमीटर में कुलांचें मारता हुआ चालीस के आंकड़े के ऊपर उछल रहा है जिसके चलते लोगों के तन बदन बुरी तरह झुलस रहे हैं। सबसे ज्यादा बुरी हालत उन लोगों की है जो सौदा सुलफ करने के लिये बाजारों, दुकानदारी, नौकरी या अन्य कामों के लिये घरों से बाहर हैं। उन्हें जब प्यास लगती है तो या तो उन्हें दूर तक भटकना पड़ता है या फिर बोतल बंद पानी के लिये अंटी ढीली करनी पड़ती है। नगर में दो चार जगहों को अगर छोड़ दें जहां कतिपय समाजसेवियों ने प्याऊ लगवाये हैं, तो तमाम सार्वजनिक स्थान ऐसे हैं जहां अभी तक पालिका की ओर से प्याऊ नहीं लग सके हैं। डाढी नाका स्थित यात्री प्रतीक्षालय, बस स्टैंड, चंदकुआ, स्टेट बैंक, कैलिया बस स्टैंड, रेलवे क्रॉसिंग, मारकंडेयश्वर तिराहा, तहसील आदि स्थानों पर प्याऊ की जरूरत महसूस की जा रही है। जानकारी करने पर बताया गया कि बोर्ड बैठक में पच्चीस स्थानों पर प्याऊ लगाने का प्रस्ताव तो पास हो चुका है लेकिन चूंकि विगत बर्षों में मई में पालिका के प्याऊ लगते रहे हैं सो अबकी दफा भी इनकी शुरुआत मई में ही होगी। यह नियम कितना ठीक है यह तो नहीं मालूम लेकिन प्यासों को अगर पानी न मिले तो उन नियमों का फायदा ही क्या है।

समाजसेवी ने लगवाया प्याऊ !

पालिका प्रशासन को भले ही भीषण गर्मी में राहगीरों की चिंता न हो लेकिन समाजसेवी अपना काम बखूबी कर रहे हैं। लोगों के प्यासे गले तर करने के लिये हर बर्ष की भांति अबकी दफा भी सभासद प्रतिनिधि छोटू टाइगर द्वारा सागर तालाब किनारे प्याऊ लगवाया गया है जिसका उद्घाटन नगर पालिका की चेयरपर्सन डॉ. सरिता आनंद एवं बरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आरबी जैन ने संयुक्त रूप से फीता काट कर किया। इन अतिथियों ने छोटू टाइगर के इस प्रयास की सराहना करते हुये कहा कि गर्मी के इस मौसम में लोगों की सबसे बड़ी जरूरत पानी है, प्याऊ खोल कर उन्होंने निश्चित रूप से एक पुण्य का कार्य किया है। इस प्याऊ के खुल जाने से सैकड़ों लोगों की प्यास बुझेगी। इस मौके पर सपा विधानसभा अध्यक्ष प्रतिपाल सिंह गुर्जर, सुल्तान, गुड्डू सर्राफ, अनिल पटैरिया, जाहिद, अरविंद खटिक, भारत यादव, पुष्पेन्द्र सरोनिया आदि मौजूद रहे।